आज तेरे रूप में मेरी प्यारी बहना

दोस्तों, रक्षाबंधन के अवसर पर एक बात कहना चाहूंगा जो शायद हर भाई अपनी बहन से कहना चाहेगा-
खून के रिश्तों को,
कच्चे धागे बनकर दिलों को बांधते देखा है।
आज तेरे रूप में मेरी प्यारी बहना,
खुदा को मेरी सलामती की दुआ मांगते देखा है।।

वादा है तुझसे तेरा मेरा यूँही साथ रहेगा,
तेरी हर जायज़ जिद्द पुगाने में मेरा ही हाथ रहेगा।
इस धागे की पवित्रता से ही,
खुदा को भी प्यार की हर सीमा लांघते देखा है......

                                   ©®विजय खनगवाल
दोस्तों समय के अभाव में ज्यादा ना लिख पाया।
आपका स्नेह व प्यार लिखवाता है
सरेआम मेरी गुठलियों के दाम लगवाता है।

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