दोस्तों,
आपके स्नेह-प्यार का नतीजा है कि मेरी लिखी कविता पहली बार एक विख्यात पत्रिका 'The Morning Star' में प्रकाशित हुई है। सम्पादकगण का तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ मैं जिन्होंने मुझे आगे बढ़ने का एक अवसर व राह दी है। तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ उन दोस्तों का भी जो मुझे हमेशा support करते हैं और मेरी रचनाओं को सराहना देकर मुझमे आत्मविश्वास भरते हैं।
काफी सकारात्मक सहयोग मिलता है आप सबका।
'The Morning Star' पत्रिका का एक बार फिर से बहुत-बहुत धन्यवाद।
-विजय खनगवाल
आपके स्नेह-प्यार का नतीजा है कि मेरी लिखी कविता पहली बार एक विख्यात पत्रिका 'The Morning Star' में प्रकाशित हुई है। सम्पादकगण का तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ मैं जिन्होंने मुझे आगे बढ़ने का एक अवसर व राह दी है। तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ उन दोस्तों का भी जो मुझे हमेशा support करते हैं और मेरी रचनाओं को सराहना देकर मुझमे आत्मविश्वास भरते हैं।
काफी सकारात्मक सहयोग मिलता है आप सबका।
'The Morning Star' पत्रिका का एक बार फिर से बहुत-बहुत धन्यवाद।
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